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जिंदगी बदल देने वाले महान प्रेरक विचार (60 Life Changing Quotes by Great Thinkers)

विचारों से ही मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण होता है यह विचार दो प्रकार के हो सकते हैं प्रथम सकारात्मक तथा दूसरा नकारात्मक विचार। सकारात्मक विचार रखने वाला व्यक्ति अपना जीवन आशा और उत्साह के साथ जीता है जबकि नकारात्मक…

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रतन टाटा के 21 बेहद प्रेरक अनमोल वचन

वचन-1 "मैं सही फैसले लेने में विश्वास नहीं करता। मैं पहले फैसले लेता हूं और फिर उन्हें सही बनाता हूं।"-रतन टाटा के अनमोल वचन I don't believe in taking right decisions. I take decisions and then make them right. वचन-2…

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डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25+ महान प्रेरक विचार।(Great Thoughts by Dr. Bhimrao Ambedkar)

भीमराव रामजी अंबेडकर को बाबा साहेब के रूप में भी जाना जाता है, जो एक भारतीय राजनीतिज्ञ, न्यायविद और अर्थशास्त्री थे। अंबेडकर एक दलित परिवार में पैदा हुए थे और स्कूली छात्र के रूप में अलगाव के उनके अनुभवों का…

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फादर्स डे के सुप्रसिद्ध अनमोल वचन। Father’s Day Quotes

किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है पिता एक मित्र भी होता है और एक कोच भी, जो जिंदगी की कठिन परिस्थितियों मैं हमेशा आपको मार्गदर्शन प्रदान करता है। एक पिता हमेशा खुशियां लाने…

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उद्योगपति धीरूभाई अंबानी के 30+ सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कथन

कथन-1 "जो लोग सपने देखने की हिम्मत रखते हैं, उनकी जीत के लिए पूरी दुनिया पड़ी है।"-धीरुभाई अम्बानी के प्रेरक कथन "For those who dare to dream, there is a whole world to win." कथन-2 "अगर आप स्वयं अपने सपनों…

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अभिनेता सलमान खान के टॉप 10 मोटिवेशनल विचार (Top 10 Motivational Quotes by Salman Khan)

विचार-1 "एक शेर सबसे तेज दौड़ता है जब वह भूखा होता है।"-सलमान खान "A lion runs the fastest when he is hungry." विचार-2 "क्या आपने पानी पर एक बत्तख को देखा है? क्या यह कभी ऐसा दिखता है कि यह…

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मदर्स डे के 25 सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार।। Mother’s day quotes in Hindi

विचार-1 "भगवान हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए उसने मां को बनाया।"-मदर्स डे के अनमोल विचार God could not be everywhere, and therefore he made mothers. विचार-2 "मेरा दिन मेरी मां का चेहरा देखने के साथ शुरू होता है।"-मदर्स डे…

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नए साल की शुरुआत करें इन 50 महान विचारों के साथ (Top 50+ Motivational Quotes)

विचार-1 "अगर मन में ठान लिया तो आधी जीत हो गई।" - थियोडोर रूसवेल्ट Believe you can and you’re halfway there. — Theodore Roosevelt विचार-2 "इतने खुश रहो कि जब लोग तुम्हें देखें तो वे भी खुश हो जाएँ।" -…

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Top 10 हिंदी अनमोल विचार।। प्रेरणादायक कथन।। ( Top 10 Motivational Inspirational Quotes)

विचार-1 "केवल जो लोग बुरी तरह से हारने की हिम्मत रखते हैं वही लोग ज़िंदगी में कुछ बड़ा हासिल करते है।"- रॉबर्ट एफ केनेडी “Only those who dare to fail greatly can ever achieve greatly.” – Robert F. Kennedy विचार-2…

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अभिनेता अमिताभ बच्चन के 45+ बेस्ट इंस्पायरिंग थॉट्स (Amitabh Bachchan Best Inspirational Thoughts)

Thought-1 "मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि मुझमें बहुत आत्मविश्वास है।"-अमिताभ बच्चन "I don't agree that I have a lot of confidence." Thought-2 "मेरा जन्म प्रसिद्धि में हुआ था। मुझे हमेशा पहचाना और जाना जाता था। निजी तौर…

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शाहरुख खान के 30 उत्कृष्ट प्रेरणादायक विचार (Top 30 Motivational Quotes by Shahrukh Khan)

विचार-1 "सफलता और असफलता दोनों जीवन का हिस्सा हैं। दोनों स्थायी नहीं हैं।"-शाहरूख खान Success and failure are both part of life. Both are not permanent. विचार-2 "दुनिया में केवल एक ही धर्म है - कड़ी मेहनत।"-शाहरूख खान There is…

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मार्क जुकरबर्ग : फेसबुक CEO के बेस्ट मोटिवेशनल विचार (Mark Zuckerberg Motivational Quotes)

Quote-1 "स्वयं को बदलने का मौका दूसरों को कभी ना दे"-मार्क जुकरबर्ग“Don’t let anyone tell you to change who you are.” Quote-2 "सबसे बड़ा जोखिम कोई जोखिम नहीं उठाना है।"-मार्क जुकरबर्ग"The biggest risk is not taking any risk." Quote-3 "वो…

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प्रवचन-1 “जिंदगी में अच्छे लोगों की तलाश मत करो, खुद अच्छे बन जाओ। आपसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो जाए” -राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-2 “आप सीधे रास्ते चलोगे लोग तब भी कुछ कहेंगे, बेवजह कहेंगे, बेकार की बातें कहेंगे और बार-बार कहेंगे। इसलिए जरूरी है कि सुनने की आदत डालो और अपना काम सहज भाव से करते रहो”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-3 “याद रखना कि जिंदा आदमी ही मुस्कुराएगा, मुर्दा कभी नहीं मुस्कुराता और कुत्ता चाहे तो भी मुस्कुरा नहीं सकता, हंसना तो सिर्फ मनुष्य के भाग्य में ही है। इसीलिए जीवन में सुख आए तो हंस लेना, लेकिन दुख आए तो हंसी में उड़ा देना”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-4 “लक्ष्मी पूजा के काबिल तो है लेकिन भरोसे के काबिल कतई नहीं है। लक्ष्मी की पूजा तो करना मगर लक्ष्मी पर भरोसा मत करना क्योंकि लक्ष्मी स्थिर नहीं है। …और भगवान की पूजा भले ही मत करना लेकिन भगवान पर भरोसा हर-हाल में रखना। क्योंकि वह सदैव अपने भक्त का ध्यान रखते हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-5 “तुम्हारी वजह से जीते जी किसी की आंखों में आंसू आए तो यह सबसे बड़ा पाप है। लोग मरने के बाद तुम्हारे लिए रोए, यह सबसे बड़ा पुण्य है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-6 “बातचीत जरूरी है लेकिन ग्रहस्थ जीवन में कभी तर्क नहीं करने चाहिए। क्योंकि जहां तर्क है, वहां नर्क है और जहां समर्पण है, वहां स्वर्ग है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-7 “अमीर होने के बाद भी यदि लालच और पैसों का मोह हैं, तो उससे बड़ा गरीब और कोई नहीं हो सकता। प्रत्येक व्यक्ति ’लाभ’ की कामना करता हैं, लेकिन उसके विपरीत शब्द अर्थात ‘भला’ करने से दूर भागता हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-8 “जिंदगी में माँ, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ भी नहीं हैं | जीवन में तीन आशीर्वाद जरुरी हैं – बचपन में माँ का, जवानी में महात्मा का और बुढ़ापे में परमात्मा का। माँ बचपन को संभाल देती हैं, महात्मा जवानी सुधार देता हैं और बुढ़ापे को परमात्मा संभाल लेता हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-9 “डॉक्टर और गुरु के सामने झूठ मत बोलिए क्योकि यह झूठ बहोत महंगा पड़ सकता हैं। गुरु के सामने झूठ बोलने से पाप का प्रायश्चित नहीं होंगा, डॉक्टर के सामने झूठ बोलने से रोग का निदान नहीं होंगा। डॉक्टर और गुरु के सामने एकदम सरल और तरल बनकर पेश हो, आप कितने भी होशियार क्यों न हो तो भी डॉक्टर और गुरु के सामने अपनी होशियारी मत दिखाना, क्योंकि यहाँ होशियारी बिलकुल काम नहीं आती”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-10 “भले ही लड़ लेना – झगड़ लेना, पिट जाना – पिट देना, मगर बोल चाल बंद मत करना क्योकि बोलचाल के बंद होते ही सुलह के सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-11 “कभी तुम्हारे माँ – बाप तुम्हें डाट दे तो बुरा मत मानना बल्कि सोचना – गलती होने पर माँ – बाप नहीं डाटेंगे तो और कौन डाटेंगे, और कभी छोटे से गलती हो जाये तो यह सोचकर उन्हें माफ़ कर देना की गलतिया छोटे नहीं करेंगे तो और कौन करेंगा”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-12 “न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे, और ना तो इतने मीठे बनो की कोई निगल जाये”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-13 “विनम्रता में जीने की आदत डालो। हाथ जोड़कर रहो, हाथ बांधकर नहीं। यही खुशहाल जीवन का रहस्य है। क्योंकि समर्पण जीवन में खुशहाली लाता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-14 “हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं होता। सामनेवाला चिल्ला रहा है, गुस्सा कर रहा है तो आप शांत रहिए। वह आपे में नहीं है तो आप अपना रिमोट अपने हाथ में रखिए”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-15 “अगर तुम्हारी वजह से कोई इ्ंसान दुखी रहे तो समझ लो ये तुम्हारे लिए सबसे बड़ा पाप है, ऐसे काम करो कि लोग तुम्हारे जाने के बाद दुखी होकर आसूं बहाए तभी तुम्हें पुण्य मिलेगा”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-16 “गुलाब कांटों में भी हंसता है इसलिए लोग उसे प्रेम करते हैं, तुम भी ऐसे काम करो कि तुमसे नफरत करने वाले लोग भी तुमसे प्रेम करने पर विवश हो जायें”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-17 “इंसान को आप दिल से जीतो तभी आप सफल हैं, तलवार के बल पर आप जीत हासिल कर सकते हैं लेकिन प्यार नहीं पा सकते हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-18 “अपने अंदर इंसान को सहनशक्ति पैदा करनी चाहिए क्योंकि जो सहता है वो ही रहता है, जो नहीं सहता वो टूट जाता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-19 “पूरी दुनिया को आप चमड़े से ढ़क नहीं सकते हैं लेकिन आप अगर चमड़े के जूते पहनकर चलेंगे तो दुनिया आपके जूतों से ढ़क जायेगी, यही जीवन का सार है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-20 “जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-21 “जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा और परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला। सर्वोच्च सत्ता ईश्वर के ही हाथ में है। अत: यदि वह आपसे नाराज है तो दुनिया की कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-22 “यदि कोई आपको गालियां देता है और आप उसे स्वीकार नहीं करते तो वह गालियां उसी के पास रह जाती हैं। कोई आपको कुत्ता कहता है तो आप उसे भौंकें नहीं बल्कि मुस्कुराएं। गालियां देने वाला स्वयं ही शर्मिन्दा हो जाएगा। अन्यथा सचमुच कुत्ता बन जाओगे”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-23 “शादी करना है तो जागते हुए करो। परिजनों की मर्जी को दरकिनार कर घर से भागने की प्रवृत्ति आपके जीवन को अंधकारमय बना सकती है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-24 “युवतियां कभी भी घर से भागकर शादी मत करना। विधर्मी से शादी करने पर आपको वह सब भी करना पड़ सकता है जिसकी कल्पना आपने कभी न की होगी। तीन घंटे की फिल्म तथा वास्तविक जीवन में काफी अंतर होता है। अत: जागृत अवस्था में रहकर कोई भी कार्य करो”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-25 “सत्य का रास्ता कठिन है। इस रास्ते पर हजार चलने की सोचते हैं, मगर सौ ही चल पाते हैं। 900 तो सोचकर ही रह जाते हैं और उनमे से केवल 10 ही पहुंच पाते हैं; उनमें से भी 90 तो रास्ते में ही भटक जाते हैं उनमें से भी सिर्फ एक ही सत्य को उपलब्ध हो पाता है और नौ फिर किनारे पर आ कर डूब जाते हैं तभी तो कहते हैं कि सत्य एक है और याद रखें सत्य परेशान तो हो सकता है लेकिन पराजित नहीं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-26 “आज विज्ञापन और मार्केटिंग का जमाना है। किसी दुकान का माल कितना ही अच्छा क्यों ना हो, यदि उसकी पैकिंग और विज्ञापन आकर्षक ना हो तो वह दुकान चलती नहीं है। जैन धर्म के पिछड़ेपन का कारण भी यही है। जैन धर्म के सिद्धांत तो अच्छे हैं, लेकिन उसकी पैकिंग और मार्केटिंग अच्छी नहीं है। अहिंसा एकांत और अपरिग्रह जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांत पर आधारित जैन धर्म “जन धर्म” बनने की क्षमता रखता है, लेकिन उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार ना होने के कारण आज वह पिछड़ गया है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-27 “श्मशान गांव के बाहर नहीं, बल्कि शहर के बीच चौराहे पर होना चाहिए । श्मशान उस जगह होना चाहिए जहां से आदमी दिन में 10 बार गुजरता है ताकि जब- जब वह वहां से गुजरे तो वहां जलती लाशे और अधजले मुर्दों को देख कर उसे भी अपनी मृत्यु का ख्याल आ जाए और अगर ऐसा हुआ तो दुनिया के 70 फ़ीसदी पाप और अपराध शब्द खत्म हो जाएंगे। आज का आदमी भूल गया है कि कल उसे मर जाना है तुम कहते जरूर होंगे एक दिन सभी को मर जाना है, पर उन मरने वालों में तुम अपने आप को कहा गिनते हो?”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-28 “धर्म पगड़ी नहीं, जिसे घर से दुकान के लिए चले तो पहन लिया और दुकान पर जाकर उतारकर रख दिया। धर्म तो चमड़ी है, जिसे अपने से अलग नहीं किया जा सकता। धर्म तो आत्मा का स्वभाव है। धर्म के माने प्रेम, करुणा और सद्भावना है। उसका प्रतीक फिर चाहे राम हो या रहीम, बुद्ध हो या महावीर, कृष्णा हो या करीम, सब की आत्मा में धर्म की एक ही आवाज होगी। धर्म दीवार नहीं, द्वार है, लेकिन दीवार जब धर्म बन जाती है तो अन्याय और अत्याचार को खुलकर खेलने का अवसर मिल जाता है। फिर चाहे वह दीवार मंदिर की या मस्जिद की ही क्यों ना हो?”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-29 “दिल्ली का सफर करना हो तो कितनी तैयारी करते हो और मौत के लिए? मौत का सफर भी बड़ा लंबा है। इस सफ़र में अंधेरे रास्तों से गुजरना पड़ता है और रास्ते में दाएं बाएं मुडने के न कोई निशान होते हैं ना ही किसी मोड़ पर हरी लाल बत्ती जल रही होती है। इतना ही नहीं चीख-पुकार करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं मिलता। यहां तुम्हारे घर में चाहे अन्न के भंडार भरे पड़े हो, पर वहां सफर में आटे की एक चुटकी भी साथ नहीं ले जा सकते। भीषण गर्मी में जान सूखती है, पर नीम का एक पत्ता तक सिर ढकने को नहीं मिलता। संकट की इस घड़ी में सिर्फ भगवान का नाम ही सहारा होता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-30 “अब संत-मुनियों को अपने प्रवचन साधारण जनता के बीच करने की अपेक्षा लोकसभा और विधानसभाओं में करनी चाहिए, क्योंकि खतरनाक लोग वहीं मौजूद है। मेरा विश्वास है अगर देश और प्रदेश की राजधानियों में बैठे करीब 90000 लोग सुधर जाए तो देश की सवा अरब जनता अपने आप और रातों-रात सुधर जाएगी। सुधार की प्रक्रिया नीचे से नहीं ऊपर से शुरू होनी चाहिए। क्योंकि भ्रष्टाचार की गंगोत्री ऊपर से नीचे की ओर बहती है। अगर ऋषिकेश में गंगा का शुद्धिकरण हो जाए तो हरिद्वार और उसके नीचे के तमाम घाट स्वत: शुद्ध होते चले जाएंगे”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-31 “किसी की अर्थी को सड़क से गुजरते हुए देखकर यह मत कहना कि बेचारा चल बसा अपितु उस अर्थी को देख कर सोचना कि एक दिन मेरी अर्थी भी इन्हीं रास्तों से यूं ही गुजर जाएगी और लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर देखते रह जाएंगे। उस अर्थी से अपनी मृत्यु का बोध ले लेना क्योंकि दूसरों की मौत तुम्हारे लिए एक चुनौती है। अर्थी उठने से पहले जीवन का अर्थ समझ लेना, वरना बड़ा अनर्थ हो जाएगा। वैसे गधे को कभी नहीं लगता कि उसका जीवन व्यर्थ है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-32 “दो बातों का ध्यान रखें। एक, टीवी देखते हुए भोजन ना करें। दो, अखबार पढ़ते हुए चाय न पियें। आज के जीवन में ये दो जबरदस्त बुराइयां हैं। आप इन्हें अविलंब सुधार लें, क्योंकि जब आप TV देखते हुए खाना खाते हैं और अखबार पढ़ते हुए चाय पीते हैं तो आप सिर्फ खाना और चाय नहीं खाते-पीते, बल्कि उस टीवी और अखबार में हिंसा, अश्लीलता, भ्रष्टाचार की खबरें होती हैं, उन्हें भी खा पी जाते हैं और फिर वह खबरें आपको अपने से बेखबर कर देती हैं। अगर आम आदमी अपनी ये दो आदते सुधार लें तो पूरे समाज व देश की आबो-हवा को बदल सकती है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-33 “जिंदा रहने के लिए भोजन जरुरी है। भोजन से भी ज्यादा पानी जरुरी है, पानी से भी ज्यादा वायु जरूरी है और वायु से भी ज्यादा आयु जरूरी है, मगर मरने के लिए कुछ भी जरुरी नहीं है। आदमी यूं ही बैठे-बैठे मर सकता है। आदमी केवल दिमाग की नस फटने और दिल की धड़कन रुकने से नहीं मरता, बल्कि उस दिन भी मर जाता है जिस दिन उस की उम्मीदें और सपने मर जाते हैं; उसका विश्वास मर जाता है इस तरह आदमी मरने से पहले भी मर जाता है; और फिर मरा हुआ आदमी दोबारा थोड़ी ना मरता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-34 “अगर आप बाप हैं तो आपका अपने बेटे के प्रति बस एक ही फर्ज है कि आप अपने बेटे को इतना योग्य बना दें कि वह संत मुनि और विद्वानों की सभा में सबसे आगे की पंक्ति में बैठने का हकदार बने और अगर आप बेटे हैं, तो आपका अपने बाप के प्रति बस यही एक कर्तव्य है कि आप ऐसा आदर्श में जीवन जिए, जिसे देखकर दुनिया तुम्हारे बाप से पूछे कि किस तपस्या और पुण्य के फल से तुम्हें ऐसा होनहार बेटा मिला है?”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-35 “अगर जिंदगी को स्वर्ग बनाने की तमन्ना है तो पति और पत्नी, सास और बहू, बाप और बेटे को आपस में यह समझौता करना होगा कि अगर एक आग बने तो दूसरा पानी बन जाएगा। अपने घरों में थोड़े से पानी की व्यवस्था करके रखिए पता नहीं कब किसके दिल में क्रोध की आग भड़क उठे। क्रोध आग है। अपने घरों में सहनशीलता और शांति का जल तैयार रखें। पता नहीं कब तुम्हारा घर क्रोध की लपट से गिर जाए। ध्यान रखो, पति कभी क्रोध में आग बने तो पत्नी पानी बन जाए और पत्नी कभी अंगार बने तो पति जलाधार हो जाये”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-36 “कहा जाता है कि बच्चे पर मां का प्रभाव पड़ता है लेकिन आज बच्चा मां से कम मीडिया से ज्यादा प्रभावित हो रहा है। कल तक कहा जाता था कि यह बच्चा अपनी मां पर गया है और यह बाप पर। मगर आज जिस तरह से देसी विदेशी चैनल हिंसा और अश्लीलता परोस रहे हैं, उसे देख कर लगता है कि कल यह कहा जाएगा कि यह बच्चा जी टीवी पर गया है और यह स्टार टीवी पर और यह जो निखट्टू है ना, यह तो पूरे फैशन TV पर आ गया है। आज विभिन्न चैनलों द्वारा देश पर जो सांस्कृतिक हमले हो रहे हैं, वे ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादियों के हमले से भी ज्यादा खतरनाक हैं”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-37 “जवानी पर ज्यादा मत इतराना, क्योंकि जवानी सिर्फ चार दिनों की है। अतः कानों में बहरापन आवे, इससे पहले की जो सुनने जैसा है उसे सुन लेना। पैरों में लंगड़ापन आवे, इससे पहले ही दौड़-दौड़ कर तीर्थ यात्रा कर लेना। आंखों में अंधापन आवे इससे पहले ही अपने स्वरूप को निहार लेना। वाणी में गूंगापन आए, इससे पहले ही कुछ मीठे बोल लेना। हाथों में लूलापन आये, इससे पहले ही दान-पुण्य कर लेना। दिमाग में पागलपन आवे, इससे पहले ही प्रभु के हो जाना”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-38 “दुख बड़ा ढीठ मेहमान है। अगर यह तुम्हारे घर के लिए निकल पड़ा है तो पहुंचेगा जरूर। अब अगर तुम इस मेहमान को घर आते हुए देख कर सामने का दरवाजा बंद कर लो तो यह पीछे के दरवाजे से आ जाएगा। पीछे का दरवाजा बंद कर लो तो यह खिड़की में से आ जाएगा। खिड़की भी बंद कर लो तो छप्पर फाड़कर नहीं तो फर्श उखाड़कर ही आ जाएगा। ढीठ मेहमान है ना! अतः जीवन में सुख की तरह दुख का भी स्वागत करो। दुख की मेजबानी के लिए तैयार रहो। ये सोचकर कि वह दिन नहीं रहे, तो ये दिन भी नहीं रहेंगे”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-39 “यदि कोई इंजीनियर भ्रष्ट होता तो कुछेक पूल, भवन ही असमय में धराशाई होते हैं। यदि कोई डॉक्टर भ्रष्ट होता है तो कुछेक ही लोगों की अकाल मौत होती है, लेकिन यदि कोई शिक्षक भ्रष्ट होता है तो आने वाली समूची पीढ़ी बर्बाद हो जाती है। देश का भविष्य आज शिक्षक के हाथ में है क्योंकि उसके द्वार पर ही नई पीढ़ी कुछ सीखने बैठी है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-40 “पुत्र तुम्हारी सेवा करें तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। वह तो करेगा ही क्योंकि वह आखिर तुम्हारा ही खून है लेकिन यदि पुत्रवधू सेवा करें तो यह आश्चर्य है। वह खून तो दूर खानदान तक का भी नहीं है… फिर भी सेवा कर रही है तो निश्चित ही यह तुम्हारे किसी जन्म का पुण्य फल है। आज के समय में और सब तरह के पुण्य भोगना बहुत सारे लोगों की किस्मत में है लेकिन पुत्र और पुत्र वधू की सेवा के पुण्य को भोगना खुशनसीब मां-बाप के भाग्य में है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-41 “पड़ोसी होने का धर्म निभाइए। पड़ोसी धर्म क्या है? यही कि आप उनके यहां भोजन अवश्य करें, मगर इस बात का ख्याल रखें कि कहीं आपका पड़ोसी भूखा ना रह जाए। अच्छा पड़ोसी आशीर्वाद है। पड़ोसी के साथ कभी बिगाड़ न करें क्योंकि हम मित्रों के बिना तो जी सकते हैं लेकिन पड़ोसी के बिना नहीं। पड़ोसी के सुख दुख में सहभागी बने। क्योंकि पड़ोसी के घर में आग लगी है तो समझना तुम्हारी अपनी संपत्ति भी खतरे में है। और हां, अगर तुम आज पड़ोसी के यहां नमकीन भेजते हो तो कल वहां से मिठाई जरूर आएगी”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-42 “दस गाय दान करना बड़ा पुण्य है। मगर इसे भी बड़ा पुण्य बूचड़खाने में जाती हुई एक गाय को बचा लेना। दस मंदिर का निर्माण करना बड़ा पुण्य है, मगर इससे भी बड़ा पुण्य एक प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार करना है। दस प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार करना पुण्य है, मगर इससे भी बड़ा पुण्य एक आतंकवादी को अहिंसावादी बना देना। अगर आप अपनी प्रेरणा से एक मांसाहारी व्यक्ति को शाकाहारी बना देते हैं तो समझना आपने घर बैठे ही चार धाम की यात्रा करने का पुण्य अर्जित कर लिया”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-43 “पुत्र चार तरह के होते हैं। एक, लेनदार पुत्र- पिछले जन्म का लेनदार था पुत्र होकर आया। अब उसे पढ़ाओ, लिखाओ, युवा करो उसका लेनदेन पूरा होगा और वह चल बसेगा। दूसरा, दुश्मन पुत्र- पिछले जन्म का दुश्मन भी पुत्र होकर आ जाता है। ऐसा पुत्र कदम-कदम पर दुख देता है। तीसरा, उदासीन पुत्र ऐसा पुत्र मां-बाप को ना सुख देता है ना दुख। बस कहने को पुत्र होता है। चौथा, सेवक पुत्र- पिछले जन्म में तुमने किसी की सेवा की, वही तुम्हारा पुत्र बनकर आ गया। ऐसा पुत्र मां-बाप को बड़ा सुख देता है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन-44 “पैर से अपाहिज एक भिखारी हमेशा प्रसन्न और खुश रहता था। किसी ने पूछा “अरे भाई! तुम भिखारी हो, लंगड़े भी हो, तुम्हारे पास कुछ भी नहीं है फिर भी तुम इतने खुश रहते हो”। क्या बात है? वह बोला, “बाबूजी! भगवान का शुक्र है कि मैं अंधा नहीं हूं, भले ही मैं चल नहीं सकता, पर देख तो सकता हूं, मुझे जो नहीं मिला मैं उसके लिए प्रभु से कभी कोई शिकायत नहीं करता बल्कि जो मिला है उसके लिए धन्यवाद जरूर देता हूं” यही है दुख में से सुख खोजने की कला”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

प्रवचन- 45 “इस मतलबी दुनिया को ध्यान से नहीं, धन से मतलब है। भजन से नहीं, भोजन से व सत्संग से नहीं, राग-रंग से मतलब है। सभी पूछते हैं कि घर, परिवार व व्यापार कितना है। कोई नहीं पूछता कि भगवान से कितना प्यार है”-राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज

तरुण सागर जी महाराज के प्रवचनों से जीवन की वास्तविकताओं का आभास होता है ऐसी ही अन्य पोस्ट को पढ़ने के लिये Follow का बटन अवश्य दबाएं, साथ ही इस पोस्ट को लाइक अवश्य करें एवं आपके विचार कमेंट बॉक्स में शेयर करें।

डॉ. विवेक बिंद्रा के 65+ अनमोल सुविचार (65+ Best Inspirational Quotes of Dr. Vivek Bindra)

डॉ विवेक बिंद्रा Best Motivational Speaker, Leadership Consultant और CEO Coach हैं...वह सफल उद्यमियों में से एक है। डॉ विवेक बिंद्रा अपने मोटिवेशनल भाषणों(Motivational Speeches) में बताते हैं कि कैसे हमें जीवन में सफल होना है और हम क्यों विफल…

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धर्मगुरु दलाई लामा के 50+ आध्यात्मिक विचार (Spiritual Leader Dalai Lama Inspirational Quotes)

विचार-1 "जीवन का लक्ष्य किसी अन्य व्यक्ति से बेहतर होना नहीं है, बल्कि खुद से बेहतर होना है।"- धर्मगुरु दलाई लामा The goal is not to be better than the other man, but your previous self.-Dalai Lama Motivational Quotes विचार-2…

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नरेंद्र दामोदरदास मोदी भारत के 14वें प्रधानमंत्री तथा वाराणसी से सांसद है। नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म स्वतंत्र भारत में हुआ है। नरेंद्र मोदी एक कुशल लीडर है। नरेंद्र मोदी अपनी वाकपटुता और कर्णप्रिय भाषणों के कारण जनता के बीच बहुत ही लोकप्रिय हैं। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में भारत को विदेशों में भी पहचान दिलाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक भारतीय युवा के लिए एक प्रेरणा है। नरेंद्र मोदी ने योगा से लेकर शिक्षा तक प्रत्येक क्षेत्र में अपने विचार शेयर किये है, नरेंद्र मोदी के भाषणों में एक जबरदस्त ऊर्जा का संचार होता है जो कि किसी भी व्यक्ति को जीतने के लिए मजबूर कर देता है। आज ऐसे ही कुछ शक्तिशाली विचार हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं

Narendra Modi Inspirational Quotes

“माना कि अंधेरा घना है, लेकिन दिया जलाना कहा मना है”– नरेन्द्र मोदी

“Believed that the darkness is very much but burning the lamp is not forbidden”– Narendra Modi

“इच्छा + स्थिरता = संकल्प,

संकल्प + कड़ी मेहनत = सफलता”– नरेन्द्र मोदी

“Desire +Stability = Resolution, Resolution +Hard work=success”– Narendra Modi

“कड़ी मेहनत कभी थकान नहीं लाती है। यह तो हमेशा संतुष्टि लाती हैं”– नरेन्द्र मोदी

“Hard work never brings fatigue. It brings satisfaction”– Narendra Modi

“सपने वह नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं सपने वह हैं जो आपको सोने नहीं देते”– नरेन्द्र मोदी

“Dreams are not seen when you sleep, dreams are those that don’t let you sleep”– Narendra Modi

“किसी व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण उसका आत्मविश्वास है। अगर आपको विश्वास हैं कि आप कर सकते हैं, तो आप कर सकते हैं। अगर आपको विश्वास है कि आप नहीं कर सकते, तो आप निश्चित रूप से नहीं कर पायेंगे”– नरेन्द्र मोदी

“The greatest quality that a person possesses is the self – belief.If you believe you can, you can.If you believe you won’t, you most certainly won’t”– Narendra Modi

“कुछ अच्छा करने का सपना मत देखो बल्कि कुछ महान करने का सपना देखो”– नरेन्द्र मोदी

“Don’t dream to be something but rather dream to do something great!”– Narendra Modi

“एक बार जब हम फैसला करते हैं कि हमें कुछ करना है, तो हम मीलों आगे बढ़ सकते है– नरेन्द्र मोदी

“Once we decide we have to do something, we can go miles ahead”– Narendra Modi

“गौतम बुद्ध का जीवन सेवा, करुणा और त्याग की शक्ति को दर्शाता है। वे आश्वस्त थे कि भौतिक संपदा एकमात्र लक्ष्य नहीं है”– नरेन्द्र मोदी

“The life of Gautama Buddha illustrates the power of service, compassion and, most importantly, renunciation. He was convinced that material wealth is not the sole goal”– Narendra Modi

“मुझे देश के लिए मरने का मौका नहीं मिला, लेकिन मुझे देश में रहने का मौका मिला है”– नरेन्द्र मोदी

“I did not get an opportunity to die for the country, but I have got an opportunity to live in the country”– Narendra Modi

“मन कभी समस्या नही होता…मानसिकता होती है”– नरेन्द्र मोदी

“Mind is never a problem. Mindset is”– Narendra Modi

“प्रत्येक व्यक्ति में लौ की तरह वृद्धि करने की एक प्राकृतिक वृत्ति है। चलो उस वृत्ति को पोषित करते हैं”– नरेन्द्र मोदी

“Each of us has a natural instinct to rise like a flame. Lets nurture that instinct”– Narendra Modi

“केवल जो लोग जिंदगी में आगे बढ़ते रहते हैं उन्हें ही सफलता मिलती है। सूर्य की दृढ़ता को देखो, सूर्य हमेशा गतिमान रहता है। कभी निष्क्रिय नहीं होता…इसलिए हमेशा आगे बढ़ते रहो”– नरेन्द्र मोदी

“Only those who keep walking get sweet returns… look at the sun’s perseverance- dynamic & always on the move, never dormant…. hence keep moving.”– Narendra Modi

“हर किसी के पास सपने देखने की शक्ति है। लेकिन सपनों को संकल्प में बदल दिया जाना चाहिए। किसी भी विचार को मरने न दें”– नरेन्द्र मोदी

“Everyone has the power to dream. But dreams should be turned into resolutions. Never allow any idea to die”– Narendra Modi

“हमें एक साथ चलना चाहिए, एक साथ काम करना चाहिए और एक साथ प्रगति करनी चाहिए। इसी मंत्र के साथ हमें आगे बढ़ना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“We should walk together, work together and progress together. We should move ahead with this mantra”– Narendra Modi

“काम खुद ही महत्वाकांक्षा हो”– नरेन्द्र मोदी

“Let work itself be the ambition”– Narendra Modi

“मेरे लिए धर्म समर्पित होकर कार्य करना है और समर्पित कार्य ही धार्मिक है”– नरेन्द्र मोदी

“Religion to me is devotion to work and devotedly working is being religious”– Narendra Modi

“21 वीं शताब्दी ज्ञान की सदी है। ज्ञान, विज्ञान और शिक्षा में पूरे ब्रह्मांड को गले लगाने की शक्ति और ताकत होगी”– नरेन्द्र मोदी

“The 21st century is the century of knowledge. Knowledge, science and education will have the power and strength to embrace the entire universe”– Narendra Modi

“समाज की सेवा करने का अवसर प्राप्त करके, हमें अपने कर्ज चुकाने का मौका मिलता है”– नरेन्द्र मोदी

“By getting an opportunity to serve society, we get a chance to repay our debt.”– Narendra Modi

“राष्ट्र को एक लक्ष्य, एक दिशा, एक इरादे और एक निर्णय की ओर बढ़ना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“The nation should move towards one target, one direction, one intention and one decision”– Narendra Modi

“मैं भले ही आपसे मीलों दूर रहता हूं, लेकिन मैं आपके मुद्दों को समझता हूं।”– नरेन्द्र मोदी

“I might live miles away from you, but I do understand your issues.”– Narendra Modi

“अगर 125 करोड़ लोग एक साथ काम करते हैं; भारत 125 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा”– नरेन्द्र मोदी

“If 125 crore people work together; India will move forward 125 crore steps.”– Narendra Modi

“मैं आपको वादा कर सकता हूँ। यदि आप 12 घंटे काम करते हैं, तो मैं 13 घंटे काम करूंगा। यदि आप 14 घंटे काम करते हैं, तो मैं 15 घंटे तक काम करूंगा। क्यों? क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रधान सेवक हूं”– नरेन्द्र मोदी

“I can promise you. If you work 12 hours, I will work for 13. If you work 14 hours, I will work for 15 hours. Why? Because I am not a pradhan mantri , but a pradhan sevak.”– Narendra Modi

“हम में से प्रत्येक में दोनों गुण हैं; अच्छा और बुरा। जो लोग अच्छे गुणों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला करते हैं वे जीवन में सफल होते हैं”– नरेन्द्र मोदी

“Each one of us has both; good and evil virtues. Those who decide to focus on the good ones succeed in life.”– Narendra Modi

Narendra Modi On Democracy

“एक गरीब आदमी का बेटा आज आपके सामने खड़ा है। यह एक लोकतंत्र की ताकत है”– नरेन्द्र मोदी

“A son of a poor man is standing in front of you today. This is the strength of a democracy”– Narendra Modi

“यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम राष्ट्र के युवाओं को कैसे देखते हैं। केवल उन्हें एक नए मतदाता के रूप में देखना बहुत बड़ी गलती होगी। ये युवा शक्ति हैं”– नरेन्द्र मोदी

“It is important how we view the youth of our nation. To simply consider them as new age voters will be a big mistake. They are the new age power”– Narendra Modi

“सोशल मीडिया सामाजिक बाधाओं को कम कर रहा है। यह लोगों को मानव मूल्यों की ताकत से जोड़ता है”– नरेन्द्र मोदी

“Social media is reducing social barriers. It connects people to the strength of human values”– Narendra Modi

“मैं एक गरीब परिवार से आया हूं और मैं चाहता हूं कि गरीबों को गरिमा मिले। हम एक स्वच्छ भारत के लिए एक आंदोलन शुरू करना चाहते हैं। अगर हमें एक स्वच्छ राष्ट्र बनाना है, तो चलों गांवों से शुरूआत करें”– नरेन्द्र मोदी

“I come from a poor family and I want the poor to get dignity. We want to start a movement for a clean India. If we have to build a nation, let us start from the villages.”– Narendra Modi

“मैं हमेशा कहता हूं कि लोकतंत्र की ताकत आलोचना में निहित है। यदि कोई आलोचना नहीं करता है, तो इसका मतलब है कि कोई लोकतंत्र नहीं है। और यदि आप आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आपको आलोचना आमंत्रित करनी होगी। और मैं आगे बढ़ना चाहता हूं; मैं आलोचना आमंत्रित करना चाहता हूं”– नरेन्द्र मोदी

“I always say the strength of democracy lies in criticism. If there is no criticism, that means there is no democracy. And if you want to grow, you must invite criticism. And I want to grow; I want to invite criticism.”– Narendra Modi

“आज भारत की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि यह मोदी की वजह से नहीं बल्कि 125 करोड़ भारतीयों के कारण है”– नरेन्द्र मोदी

“Today India is being lauded world for it is not because of Modi but due to 125 crore Indians.”– Narendra Modi

“प्रत्येक नागरिक समाज के सुधार और देश की प्रगति के लिए कुछ करना चाहता है। लोगों द्वारा किए गए योगदान में राष्ट्र के विकास को आगे बढ़ाने की शक्ति है”– नरेन्द्र मोदी

“Every citizen wants to do something for the betterment of the society and for the progress of the country. Contributions made by people have the power to further the growth of the nation.”– Narendra Modi

“हमें 3 चीजों पर गर्व है: लोकतंत्र, लोकतांत्रिक लाभांश, और मांग”– नरेन्द्र मोदी

“We are proud of 3 things: Democracy, Demographic dividen, and Demand.”– Narendra Modi

“चाहे जाति या सांप्रदायिक हिंसा हो, ये देश के विकास को रोक देंगे। आइए हम पुष्टि करें कि हम इन तनावों से मुक्त होंगे”– नरेन्द्र मोदी

“Be it caste or communal violence, they stall the growth of the nation. Let us affirm that we will be free from these tensions.”– Narendra Modi

“लोकतंत्र में, जनता का फैसला हमेशा अंतिम होता है और हम सभी को विनम्रता के साथ इसे स्वीकार करना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“In a democracy, people s verdict is always final and we all have to accept it with humility.”– Narendra Modi

Narendra Modi On Government

“हमें ACTS (अधिनियमों) की नहीं Action (कार्यवाही) की आवश्यकता है”– नरेन्द्र मोदी

“We do not need ACTS but Action”– Narendra Modi

“मेरी जिंदगी में मिशन ही सब कुछ है यहां तक कि मैं अगर एक नगर पालिका अध्यक्ष होता तो भी मुख्यमंत्री जितनी कड़ी मेहनत करता”– नरेन्द्र मोदी

“In my life mission is everything.. Even if i was a municipal chairman, I would have worked as hard as a CM”– Narendra Modi

“हम किसी भी पद के लिए नहीं बल्कि जिम्मेदारी के लिए यहां हैं”– नरेन्द्र मोदी

“We are not here for any positions but for a responsibility”– Narendra Modi

“राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता”– नरेन्द्र मोदी

“There is no full stop in politics”– Narendra Modi

“मेरे लिए राजनीति महत्वाकांक्षा नहीं है, बल्कि एक मिशन है”– नरेन्द्र मोदी

“Politics for me is not Ambition… but a Mission.”– Narendra Modi

“अच्छे इरादों के साथ सुशासन हमारी सरकार का प्रतीक है। अखंडता के साथ कार्यान्वयन हमारा मुख्य जुनून है”– नरेन्द्र मोदी

“Good governance with good intentions is the hallmark of our government. Implementation with integrity is our core passion.”– Narendra Modi

“यह देश राजनेताओं, राजाओं या सरकारों द्वारा नहीं बनाया गया है। यह किसानों, मजदूरों, हमारी मां-बहनों और युवाओं द्वारा बनाया गया है”– नरेन्द्र मोदी

“This country has not been made by politicians, kings or governments. It has been made by farmers, labourers, our mothers and sisters and youth.”– Narendra Modi

“एक सरकार वह है जो गरीबों की आवाज़ सुनती है और सोचती है। सरकार को गरीबों के लिए जीना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“A government is one that thinks and hears the voice of the poor. A government must live for the poor.”– Narendra Modi

“मैं एक ऐसा अद्भुत भारत बनाउंगा कि सभी अमेरिकी भारत का वीजा पाने के लिए खड़े रहेंगें”– नरेन्द्र मोदी

“I will make such a wonderful India that all Americans will stand in line to get a visa for India.”– Narendra Modi

Narendra Modi On Yoga

“नमक जीवन के लिए एकमात्र आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसके बिना भी, जीवन नहीं चल सकता है। नमक की तरह हमारे जीवन में योग का भी एक अनिवार्य स्थान है”– नरेन्द्र मोदी

“Salt is not the sole requirement for life but without it, life also cannot run. Like salt Yoga has an indispensable place in our life”– Narendra Modi

“आज, लोग एक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज की ओर बढ़ रहे हैं और योगा फिटनेस और कल्याण प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है”– नरेन्द्र मोदी

“Today, people are shifting towards a health-conscious society and yoga is playing a vital role in attaining fitness and wellness”– Narendra Modi

“योग ने पूरी दुनिया को एकीकृत किया है। योग का तीसरा अंतर्राष्ट्रीय दिवस दुनिया भर में अत्यधिक उत्साह के साथ चिह्नित किया गया था”– नरेन्द्र मोदी

“Yoga has integrated the entire world. The third International Day of Yoga was marked with immense enthusiasm the world over.”– Narendra Modi

“योग दुनिया के लिए भारत का एक उपहार है। देश को गर्व होना चाहिए कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर में योग द्वारा सूर्य की पहली किरणों का स्वागत किया गया”– नरेन्द्र मोदी

“Yoga is India’s gift to the world. The country can be proud that first rays of the sun were welcomed by Yoga across the globe on the International Day of Yoga.”– Narendra Modi

“दुनिया को लगता था कि हम सपेरे और काले जादू करने वाले हैं। लेकिन हमारे युवाओं ने आईटी कौशल के साथ दुनिया को हैरान कर दिया है। मैं एक डिजिटल भारत का सपना देखता हूं”– नरेन्द्र मोदी

“The world used to think we are a land of snake charmers and black magic. But our youth has surprised the world with its IT skills. I dream of a digital India.”– Narendra Modi

“स्वच्छता मेरे लिए पूजा है। स्वच्छता, भारत के गरीबों की सेवा करने का एक तरीका है”– नरेन्द्र मोदी

“Swachata is a Puja for me. Cleanliness is a way to serve the poor of India.”– Narendra Modi

“बंदूक के साथ आप पृथ्वी को लाल कर सकते हैं, लेकिन यदि आपके पास हल है तो आप धरती को हरा कर सकते हैं”– नरेन्द्र मोदी

“With the gun you can make the earth red but if you have a plough you can make the earth green.”– Narendra Modi

“महात्मा गांधी ने कभी सफाई के साथ समझौता नहीं किया। उन्होंने हमें स्वतंत्रता दी। हमें उन्हें एक स्वच्छ भारत देना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“Mahatma Gandhi never compromised on cleanliness. He gave us freedom. We should give him a clean India.”– Narendra Modi

Narendra Modi On Education

“शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान नहीं है, इसमें एक जीवन भी शामिल है; यह एक व्यवस्था नहीं है, यह एक कर्तव्य है। यह केवल आजीविका का साधन नहीं है; यह कुछ भी प्रदान करने की महान परंपरा का अनमोल खजाना है”– नरेन्द्र मोदी

“Education does not mean knowledge (gyan) only, it also contains a life within it; it is not an arrangement, it is a duty. It is not merely a means of livelihood; it is the precious treasure of the noble tradition of giving, bestowing”– Narendra Modi

“यदि आप किसी भी महान व्यक्ति की जीवनी पढ़ते हैं, तो आप हमेशा दो चीजें देखेंगे: उनकी प्रगति में उनकी मां का योगदान और उनके विकास में उनके शिक्षक का योगदान”– नरेन्द्र मोदी

“If you read the biography of any great man, you will always notice two things: His mother’s contribution in his progress and his teacher’s contribution in his growth and development”– Narendra Modi

“एक शिक्षक कहता है “मैं क्रांति के बीज बो रहा हूं” उस समय हम कल्पना नहीं कर सकते कि शिक्षक कितना शक्तिशाली है, लेकिन वह निश्चित रूप से अपना कर्तव्य पूरा करके खुशी प्राप्त करता है”– नरेन्द्र मोदी

“A teacher says “I am sowing the seeds of revolution.” At that time we cannot imagine how powerful the teacher is, but he certainly derives joy by fulfilling his duty”– Narendra Modi

“हमें जीवन भर छात्र बनकर रहना चाहिए। हमें जीवन के हर पल से सीखने के लिए तैयार और उत्सुक होना चाहिए। जीवन के बुनियादी तत्वों को, सीखने के साथ जोड़ा जाना चाहिए। सीखने की प्रक्रिया हमारे डीएनए का हिस्सा होना चाहिए”– नरेन्द्र मोदी

“We should remain students for lifetime. You should be ready and yearn to learn from every moment of life. The basic elements of life need to be associated with learning. The learning process should be a part of your DNA.”– Narendra Modi

“आज शिक्षा की गुणवत्ता गुजरात के कल का फैसला करेगी…सरकार स्कूल बना सकती है, लेकिन भविष्य केवल स्कूलों द्वारा ही बनाया जा सकता है। गुजरात के कल का निर्माण करने की मुख्य ज़िम्मेदारी स्कूलों पर है”– नरेन्द्र मोदी

“The quality of education today decides the tomorrow of Gujarat… Government may build schools, but the future can be built by the schools only. The key responsibility of building Gujarat’s tomorrow thus lies with the schools”– Narendra Modi

“माता-पिता जन्म देते हैं; गुरु जीवन देता है। ये जीवनदाता शानदार आत्मा की इमारत हैं। सरकार तो स्कूल का निर्माण कर सकती है वह शरीर की तरह है, लेकिन शिक्षक आत्मा हैं”– नरेन्द्र मोदी

“Parents give birth; the Guru gives life. These life-givers are the soul of the magnificent building. The school building which the government can construct is like the body, but the teachers are the soul”– Narendra Modi

“आने वाला युग ज्ञान का युग होगा, हालांकि देश में अमीर, गरीब और शक्तिशाली होने चाहिए परंतु अगर वे आगे बढ़ना चाहते हैं तो ज्ञान ही केवल एक रास्ता है”– नरेन्द्र मोदी

“Coming age is the age of knowledge. However rich, poor or powerful a country be, if they want to move ahead, only knowledge can lead them to that path.”– Narendra Modi

“ज्ञान का कोई रूप नहीं है, ज्ञान का दिखावा मूर्खता है”– नरेन्द्र मोदी

“No form, no manifestation of knowledge, is senseless.”– Narendra Modi

“काम करने का अवसर मेरे लिए शुभकामना है। मैंने अपनी पूरी आत्मा को इसमें लगा दिया है ऐसा प्रत्येक अवसर नये द्वार खोलता है”– नरेन्द्र मोदी

“An opportunity to work is good luck for me. I put my soul into it. Each such opportunity opens the gates for the next one.”– Narendra Modi

“शिक्षा जीवन को आत्मनिर्भर बनाती है। यह मनुष्य को समाज में गरिमा के साथ रहने के लिए प्रेरित करती है। यह शिक्षक को अपने गुणों की पहचान कराने में सबसे महत्वपूर्ण होती है”– नरेन्द्र मोदी

“Education makes life self-reliant. It inspires man to live with dignity in the society. It is the foremost requisite of a teacher to identify his own virtues”– Narendra Modi

“हमारा मिशन कौशल विकास है। एक संतृप्त प्रणाली के साथ कोई विकास नहीं हो सकता है”– नरेन्द्र मोदी

“Our mission is skill development. There can be no development with a satiated system.”– Narendra Modi

“आईटी + आईटी = आईटी;

भारतीय प्रतिभा + सूचना प्रौद्योगिकी = भारत का कल”– नरेन्द्र मोदी

“IT+IT=IT; Indian talent + Information technology = India Tomorrow”– Narendra Modi

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