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आकर्षण के नियम (Law Of Attraction) से जुड़ी दो सच्ची कहानियां।

आकर्षण के नियम (Law of Attraction) से जुड़ी दो सच्ची कहानियां।

आकर्षण का नियम प्रकृति का नियम है । गुरुत्वाकर्षण के नियम की तरह ही यह भी निष्पक्ष है।

•आकर्षण का नियम कहता है कि समान चीज़ें समान चीजों को आकर्षित करती हैं, इसलिए जब आप एक विचार सोचते हैं, तो आप उसी जैसे अन्य विचारों को अपनी और आकर्षित करते हैं ।

•विचार चुंबकीय हैं और हर विचार की एक फ़्रीक्वेन्सी होती है । जब आपके मन में विचार आते हैं, तो वे ब्रह्मांड में पहुँचते हैं और चुंबक की तरह उसी फ़्रीक्वेन्सी वाली सारी चीज़ों को आकर्षित करते हैं । हर भेजी गई चीज़ स्रोत तक यानी आप तक लौटकर आती है ।

•आपके वर्तमान विचार आपके भावी जीवन का निर्माण कर रहे हैं । आप जिसके बारे में सबसे ज़्यादा सोचते हैं या जिस पर सबसे ज़्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं, वह आपकी जिदंगी में प्रकट हो जाएगा। आपके विचार वस्तु बन जाते हैं।

सन 2006 मैं दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक ”The Secrets” यानी ‘रहस्य’ की लेखिका रोंडा बर्न (Rhonda Byrne) है। यह एक self-help तथा motivational पुस्तक है। इस पुस्तक की पूरी दुनियां में पचास भाषाओं में तीन करोड़ से भी ज्यादा copies बिक चुकी है। यह पुस्तक आकर्षण के नियम पर आधारित है इस नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति केवल अपने विचारों के जरिए जो चाहे वह पा सकता है।
यहां पर दो सच्ची कहानियाँ दी जा रही हैं, जो आकर्षण के सशक्त नियम और ब्रह्मांड की सक्रियता की अचूक प्रक्रिया को स्पष्टता से दर्शाती हैं ।

पहली कहानी जीनी नाम की महिला के बारे में है, जिसने द सीक्रेट का डीवीडी ख़रीदा । वह उसे दिन में कम से कम एक बार देखने लगी, ताकि संदेश उसके शरीर की हर कोशिका तक पहुंच जाए । वह ख़ास तौर पर बॉब प्रॉक्टर से प्रभावित थी । उसने सोचा कि उनसे मिलना बेहतरीन अनुभव होगा । एक सुबह जीनी ने अपनी डाक देखी । उसे यह देखकर बहुत हैरानी हुई कि डाकिए ने ग़लती से बॉब प्रॉक्टर की डाक उसके घर पहुंचा दी थी । जीनी को यह बात मालूम नहीं थी कि बॉब प्रॉक्टर उसके घर से सिर्फ चार ब्लॉक दूर रहते थे! यही नहीं, जीनी का मकान नंबर भी वही था, जो बॉब का था । वह तत्काल डाक लेकर सही पते पर पहुंचाने के लिए चल दी । क्या आप उसके परम आनंद की कल्पना कर सकते हैं, जब दरवाज़ा खुला और उसने बॉब प्रॉक्टर को अपने सामने खड़े देखा? बॉब घर पर बहुत कम रहते हैं, क्योंकि वे लोगों को सिखाने के लिए दुनिया भर में यात्रा करते रहते हैं, लेकिन ब्रह्मांड की योजना की टाइमिंग हमेशा आदर्श होती है । जीनी ने जैसे ही सोचा कि बॉब प्रॉक्टर से मिलना बेहतरीन रहेगा, आकर्षण के नियम ने लोगों, परिस्थितियों और घटनाओं को इस तरह व्यवस्थित कर दिया कि ऐसा सचमुच हो गया।

दूसरी कहानी कॉलिन नाम के दस वर्षीय लड़के की है, जिसे द सीक्रेट फिल्म बड़ी पसंद आई थी । कॉलिन का परिवार डिज़नी वर्ल्ड की एक हफ्ते की यात्रा पर गया और पहले दिन उन्हें पार्क में लंबी लाइन में लगना पड़ा । उस रात सोने से ठीक पहले कॉलिन ने सोचा, ”कल मैं सारे बड़े झूलों की सवारी करना चाहूँगा और लाइन में इंतजार नहीं करना चाहूंगा । ” अगली सुबह पार्क खुलते समय कॉलिन और उसका परिवार एपकॉट सेंटर के गेट पर थे । पार्क खुलते ही डिजनी के स्टाफ के एक सदस्य ने उनके पास आकर कहा कि वे एपकॉट के उस दिन के प्रथम परिवार थे । प्रथम परिवार के रूप में उन्हें वीआईपी स्टेटस दिया गया, स्टाफ का एक सदस्य पूरे समय उनके साथ रहा और उन्हें एपकॉट के हर बड़े झूले का मुफ्त़ टिकट दिया गया । कॉलिन ने जो चाहा था, वह हो गया, बल्कि उससे बहुत ज्य़ादा हो गयाा । सैकड़ों परिवार उस सुबह एपकॉट सेंटर में दाख़िल होने का इंतजा़र कर रहे थे, लेकिन कॉलिन को ज़रा भी शक नहीं था कि उसके परिवार को प्रथम परिवार के रूप में क्यों चुना गया । वह जानता था कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उसने ‘रहस्य’ का इस्तेमाल किया था । कल्पना कीजिए, दस साल की उम्र में ही उसे यह पता चल गया था कि इंसान के भीतर दुनिया को हिलाने की शक्ति है!

”कोई भी चीज आपकी तस्वीर को साकार होने से नहीं रोक सकती, सिवाय उस शक्ति के जिसने उसे उत्पन्न किया था – यानी आप । ” जेनेवीव बेहरेंड

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