skip to Main Content
सफल बनने के लिए कृतज्ञ होना बेहद जरूरी।

सफल बनने के लिए कृतज्ञ होना बेहद जरूरी।

कृतज्ञता ज़िदंगी में ज़्यादा अच्छी चीज़ें लाने का अचूक उपाय है ।मार्सी शिमॅाफ़

हमें हमारे बचपन में ही माता पिता द्वारा सिखाया जाता है कि जब भी आपस में कुछ आदान-प्रदान करते हैं तो उसमें हमें एक-दूसरे का धन्यवाद करना चाहिए अर्थात हमें आभार व्यक्त करना चाहिए।

प्रकृति ने प्रत्येक व्यक्ति को संसाधन माप तोल कर दिये है प्रकृति ने किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया है। परंतु प्रत्येक व्यक्ति को यह लगता है कि उसे उतना नहीं दिया गया है जितना कि उसके आसपास के लोगों के पास है। वह इतना अमीर नहीं है जितना कि उसके पड़ोसी या दोस्त हैं।

प्रकृति ने किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से इतना खूबसूरत बनाया है तो उसे आर्थिक रूप से उतना ही कमजोर तथा अगर किसी व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है तो उसे शारीरिक रूप से कमजोर। प्रकृति ने प्रत्येक व्यक्ति में कहीं ना कहीं कोई ना कोई कमी जरूर डाली है प्रकृति ने किसी भी व्यक्ति को इतना संपूर्ण नहीं बनाया है कि उसके पास सब कुछ है। इसी वजह से अधिकतर लोगों को यह लगता है कि उसके पास वह नहीं है जो दूसरों के पास है।

हमें हमारे बुजुर्गों द्वारा हमेशा यह सलाह दी जाती है कि आभार व्यक्त करना सीखो लेकिन हमने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि आभार व्यक्त करने के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं हमें आभार क्यों व्यक्त करना चाहिए?

सन 1910 में प्रकाशित पुस्तक द साइंस ऑफ़ गेटिंग रिच में कृतज्ञता पर एक महत्वपूर्ण अध्याय दिया गया है। यह पुस्तक हिंदू विचारधारा ”एक सबके लिए और सब एक के लिए” पर आधारित है।

इस पुस्तक के लेखक वालेस डेलोइस वाटल्स ने लिखा है कि अमीर बनने के लिए आपको कृतज्ञ होना बेहद जरूरी है आपके पास जो भी है आपको उसका आभारी होना आवश्यक है हो सकता है कि आप अमीर ना हो परंतु आप शारीरिक रूप से सुखी हो हो सकता है आप शारीरिक रूप से कमजोर हो परंतु आर्थिक रूप से मजबूत हो।

प्रकृति ने प्रत्येक व्यक्ति में कोई ना कोई कमी अवश्य दी है आपको अपनी कमियों या कमजोरियों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है आपको अपनी प्रबलताओ पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अपने विचारों को समृद्ध बनाएं और हमेशा महसूस करें कि आपके पास वह सारी सुख सुविधाएं हैं जो आप चाहते हैं। सारी सुख सुविधाएं नहीं होने के बावजूद समृद्ध होने का नाटक करें।

अगर आप अपने पास मौजूद चीज़ों के बारे में कृतज्ञ नहीं हैं, तो आपके पास ज़्यादा चीजें आना असंभव है । क्यों? क्योंकि आप कृपणता की अवस्था में जो भावनाएँ और विचार प्रेषित करते हैं, वे सभी नकारात्मक होते हैं । ईर्ष्या, द्वेष, असंतुष्टि या ”पर्याप्त नहीं” की भावनाएँ आपको वह नहीं दिला सकतीं, जो आप चाहते हैं । वे आपको सिर्फ़ वही चीज़ें ज़्यादा दिला सकती हैं, जो आप नहीं चाहते हैं । ये नकारात्मक भाव आपकी मनचाही चीज़ों को आप तक पहुँचने से रोक रहे हैं । अगर आप नई कार चाहते हैं, लेकिन अपनी वर्तमान कार के लिए कृतज्ञ नहीं हैं, तो आप इसी प्रबल फ्रीक्वेन्सी को बाहर भेज रहे हैं । आपके पास इस समय जो है, उसके लिए कृतज्ञ बनें ।

हर सुबह उठते समय और जमीन पर पांव रखते समय धन्यवाद कहते हुए हमेशा प्रकृति और ईश्वर का आभार व्यक्त करते हुए अपने दिन की शुरुआत करें और आभार व्यक्त करें कि आपके पास जो भी है आप उसमें खुश हैं और आप उसके आभारी हैं।

कृतज्ञता सफल बनने का सबसे अचूक उपाय है।

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back To Top