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सुनहरे भविष्य के लिए स्वयं को बनाए जागरूक।

सुनहरे भविष्य के लिए स्वयं को बनाए जागरूक।

अक्सर हमारे दुखी या परेशान होने का कारण भविष्य से संबंधित घटनाएं होती हैं। ज्यादातर लोग इस बात को सोचकर दुखी होते हैं कि भविष्य में क्या होगा जैसे परीक्षा में पास होऊंगा या नहीं, अच्छी नौकरी लगेगी या नहीं, प्रमोशन मिलेगा या नहीं, अमीर बन सकूंगा या नहीं, पति या पत्नी कैसी होगी, भविष्य अच्छा होगा या नहीं ऐसी ही और भी कई सारी भविष्य से संबंधित घटनाएं होती हैं जिन्हें सोच सोच कर हम परेशान होते रहते हैं।

हमारा दिमाग प्रत्येक क्षण कुछ ना कुछ सोचता ही रहता है। प्रतिदिन नए-नए विचार हमारे दिमाग में आते रहते हैं हमारा दिमाग कभी भी सोचना बंद नहीं करता। यहां तक कि रात को सोने से पहले तक हम सोचते ही रहते हैं रात को सोने से पहले के विचार हमेशा भविष्य से संबंधित होते हैं जैसे किसी से मीटिंग के बारे में, बच्चों की पढ़ाई के बारे में, बेटे या बेटी की शादी के बारे में, अपने स्वयं के करियर के बारे मेें तथा आने वाली परेशानियों के बारे में।

आपने कई लोगों को शिकायत करते हुए सुना होगा कि उनका वातावरण ठीक नहीं है उनके माता-पिता उन्हें सपोर्ट नहीं करते हैं उनके मित्र अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं उनकी जॉब उन्हें पसंद नहीं है ऐसे ही और भी कई शिकायतें हैं जो अक्सर लोग करते रहते हैं। हम हमारे वातावरण, लोगों और परिस्थितियों को नहीं बदल सकते हैं लेकिन स्वयं को अपने विचारों के जरिए जागरूक बनाकर आने वाली परिस्थितियों को बदल सकते हैं।

हमारी सारी परेशानियों और चिंताओं की जड़ है भविष्य की सोच। हमें हमारे सुनहरे भविष्य के बारे में अवश्य सोचना चाहिए लेकिन उसे बार बार सोच कर परेशान होना व्यर्थ है। आपके वर्तमान में किए जा रहे प्रयास ही आपके सुनहरे भविष्य की नींव है। कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सकता कि आज से 10 साल बाद क्या होगा इसलिए भविष्य की चिंता करना व्यर्थ है अपने विचारों को वर्तमान में जिए।

स्वयं को जागरूक बनाने के लिए हमें हमारे दिमाग को वर्तमान पर केंद्रित करना होगा।हमें भविष्य की सारी चिंताओं को छोड़कर वर्तमान में चल रहे घटनाक्रमों पर ध्यान देना होगा। हमें यह सोचना होगा कि इस क्षण में हम क्या महसूस कर रहे हैं। हमेशा अपने वर्तमान में चल रही घटनाओं की चिंता करें। प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी में अच्छा या बुरा समय आता है। समय प्रत्येक क्षण बदलता रहता है इसलिए कभी भी आने वाले समय की चिंता ना करें। भविष्य की चिंता को आने वाले समय पर छोड़ दें और हमेशा वर्तमान में जीने का प्रयास करें।

हम स्वयं को जागरुक बनाकर अपनी आने वाली परिस्थितियों को बदल सकते हैं।

आपको वर्तमान में जीने के लिए प्रतिदिन स्वयं से कुछ प्रश्न पूछने होंगे-

-मैं इस पल मैं कैसा महसूस कर रहा हूं?

-क्या मैं इस पल में खुश हूं?

-क्या मैं सकारात्मक सोच रहा हूं?

-मुझे क्या निर्णय लेना चाहिए?

-क्या मेरे विचार सही हैं?

जब आप इस प्रकार के सवाल खुद से पूछेंगे तो आप अपने भविष्य की सोच से निकल कर अपने वर्तमान समय में आ जाएंगे।इस प्रकार के सवाल पूछ कर आप अपने दिमाग को वर्तमान समय में केंद्रित कर सकते हैं। हमेशा वर्तमान में सोचें तथा वर्तमान में जिए अपने भविष्य की चिंता को आने वाले समय पर छोड़ दें।

दोस्तों आपको यह पोस्ट कैसी लगती है आपके विचार हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर अवश्य बताएं।

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